Dosti Shayari, Manzil milne se


मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती,
हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नहीं जाती,
दोस्त की कमी हर पल रहती है यार,
दूरियों से दोस्ती छुपाई नहीं जाती।
Dosti Shayari, Manzil milne se Dosti Shayari, Manzil milne se Reviewed by Farhan Mansuri on February 25, 2018 Rating: 5

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