Friendship Shayari,दोस्ती से बड़ी कोई जागीर नहीं होती



दोस्ती से बड़ी कोई जागीर नहीं होती,
इससे अच्छी कोई तस्वीर नहीं होती,
एक प्यार का नाज़ुक सा धागा है दोस्ती,
फिर भी इससे पक्की कोई ज़ंजीर नहीं होती |
Friendship Shayari,दोस्ती से बड़ी कोई जागीर नहीं होती Friendship Shayari,दोस्ती से बड़ी कोई जागीर नहीं होती Reviewed by Unknown on February 27, 2018 Rating: 5

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